शब्द भेद (Shabd Bhed) किसे कहते हैं? उदाहरण सहित।

भाषा की सार्थक इकाई 'वाक्य' है। वाक्य से छोटी इकाई 'उपवाक्य', उपवाक्य से छोटी इकाई 'पदबंध', पदबंध से छोटी इकाई 'पद' (शब्द), पद से छोटी इकाई 'अक्षर' (Syllable) और अक्षर से छोटी इकाई 'ध्वनि' या 'वर्ण' (Letter) है।
भाषा की सबसे छोटी इकाई 'ध्वनि' या 'वर्ण' है। 

शब्द भेद (Shabd Bhed) किसे कहते हैं? उदाहरण सहित।

शब्द भेद और शब्द विचार से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न - 
शब्द किसे कहते हैं? 
शब्द की परिभाषा उदाहरण सहित। 
शब्द के भेद / प्रकार उदाहरण सहित। 
सार्थक शब्द किसे कहते है? 
निरर्थक शब्द किसे कहते है? 

शब्दों के वर्गीकरण के आधार - 
1. उत्पत्ति / स्त्रोत/ इतिहास के आधार पर 
2. रचना / व्युत्पत्ति / बनावट के आधार पर 
3. रूप/ रूपांतर/ प्रयोग/ व्याकरणिक विवेचन के आधार पर 
4. अर्थ के आधार पर 

तत्सम शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
तद्भव शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
देशज या देशी शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
विदेशज/विदेशी/आगत शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
संकर शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
रूढ़ शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
यौगिक शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
योगरूढ़ शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
विकारी शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
अविकारी शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
एकार्थी शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
समानार्थी/पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 
विपरीतार्थी/विलोम शब्द किसे कहते हैं, उदाहरण सहित। 

शब्द क्या है? 

एक या एक से अधिक अक्षरों से बनी हुई स्वतंत्र सार्थक ध्वनि को 'शब्द' कहते हैं।

जैसे -
हां, ना, जब, तब, कसक, मसक, जगमग, डगमग इत्यादि। 


शब्द मुख्यतः दो प्रकार के होते है -
(1) सार्थक शब्द
(2) निरर्थक शब्द


सार्थक शब्द किसे कहते है? 

किसी निश्चित अर्थ का बोध कराने वाले शब्दों को सार्थक शब्द कहा जाता है।
या
जिन शब्दों का कोई अर्थ होता है, 'सार्थक शब्द' कहलाते है।

उदाहरण -
कमल, पुस्तक, उपर, लिंग, वचन, संज्ञा आदि।

निरर्थक शब्द किसे कहते है?

किसी निश्चित अर्थ का बोध न करने वाले शब्दों को निरर्थक शब्द कहा जाता है।
या
जिन शब्दों का कोई अर्थ नहीं होता, और जिनका प्रयोग हम बोलचाल की भाषा में करते है, 'निरर्थक शब्द' कहलाते है।

उदाहरण -
लमक, फटाफट, चटाचट, धर-धर आदि। 

हिन्दी के शब्दों के वर्गीकरण के चार आधार हैं -
1. उत्पत्ति / स्त्रोत/ इतिहास के आधार पर
2. रचना / व्युत्पत्ति / बनावट के आधार पर
3. रूप/ रूपांतर/ प्रयोग/ व्याकरणिक विवेचन के आधार पर
4. अर्थ के आधार पर 

1. उत्पत्ति / स्त्रोत/ इतिहास के आधार पर

उत्पत्ति / स्त्रोत/ इतिहास के आधार पर शब्द पाँच प्रकार के होते हैं - 

(I) तत्सम शब्द 

'तत्सम' (तत् + सम) शब्द का अर्थ है - 'उसके समान' अर्थात् संस्कृत के समान। 

संस्कृत के ऐसे शब्द जिन्हें हम ज्यों का त्यों प्रयोग करते हैं तथा जिनमें कोई ध्वनि परिवर्तन नहीं करते हैं, तत्सम शब्द कहलाते हैं।

उदाहरण -
अग्नि, वायु, माता, पिता, मयूर, नयन, अमूल्य, वानर, प्रकाश, पत्र, सूर्य आदि।

(II) तद्भव शब्द 

'तद्भव' (तत् + भव) शब्द का अर्थ है - 'उससे होना' अर्थात् संस्कृत शब्दों से विकृत होकर (परिवर्तित होकर) बने शब्द। 

संस्कृत के जो शब्द प्राकृत, अपभ्रंश, पुरानी हिंदी आदि से गुजरने के कारण आज परिवर्तित रूप में मिलते हैं, तद्भव शब्द कहलाते हैं।

उदाहरण -
संस्कृत     -   प्राकृत  -  हिन्दी
उज्जवल  -   उज्जल -  उजाला
कर्पूर       -   कप्पूर   -  कपूर
संध्या      -   संझा     -  सांझ
हंस्त       -    हत्थ     -  हाथ 

(III) देशज / देशी शब्द 

'देशज' (देश + ज) शब्द का अर्थ है - 'देश में जन्मा'।
जिन शब्दों की उत्पत्ति अपने देश की भाषाओं से होती है, उन्हें देशज या देशी शब्द कहा जाता है।

उदाहरण -
थैला, गड़बड़, टट्टी, पेट, पगड़ी, लोटा, टांँग, ठेठ आदि।

(IV) विदेशज / विदेशी / आगत शब्द 

'विदेशज' (विदेश + ज) शब्द का अर्थ है - 'विदेश में जन्मा'।
'आगत' शब्द का अर्थ है - 'आया हुआ'। 

जिन शब्दों की उत्पत्ति अन्य देश की भाषाओं से होती है, उन्हें विदेशज, विदेशी, आगत शब्द कहा जाता है।


विदेशज शब्दों में से कुछ शब्दों को ज्यों का त्यों अपना लिया जाता है।

हिन्दी में विदेशज शब्द मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं -
मुस्लिम शब्द - मुस्लिम शासन के प्रभाव से आए अ़रबी-फ़ारसी शब्द। 


यूरोपीय शब्द - यूरोपीय कंपनी के आगमन व ब्रिटिश शासन के प्रभाव से आए अंग्रेज़ी शब्द। 

हिन्दी में फ़ारसी शब्दों की संख्या लगभग 3500, अंग्रेज़ी शब्दों की संख्या लगभग 3000, एवं अ़रबी शब्दों की संख्या लगभग 2500 है।

अधिक प्रचलित विदेशी या विदेशज शब्द -
अ़रबी शब्द : अ़जब, अ़दालत, अ़क़्ल, असर, आख़िर, आदमी, इनाम, इज़्ज़त, इलाज, ईमान, उम्र, औरत, औसत, क़ब्र, क़र्ज़, क़ीमत, क़िस्मत, किताब, दिमाग़, दुनिया, मौसम, हलवाई आदि। 

फ़ारसी शब्द : आतिशबाज़ी, आमदनी, आवाज़, कुश्ती, ख़ुराक़, गरम, गिरफ्तार, चश्मा, चेहरा, ज़हर, दीवार, बारिश, बर्फ़ी, मकान, मज़दूर, रंग, लेकिन, शादी, सरकार, हफ़्ता, हज़ार आदि।

अंग्रेजी शब्द : अपील, कोर्ट, जज, पुलिस, टैक्स, अफ़सर, वोट, पेंशन, पेंसिल, पेन, पिन, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, डॉक्टर, कंपाउंडर, मलेरिया, बुश्शर्ट, स्वेटर, जग, कप, प्लेट, साइकिल, रेल, स्टेशन, ऑफिस, गैस, माचिस, बस, कॉल आदि। 

कम प्रचलित विदेशी या विदेशज शब्द - 
तुर्की शब्द : उर्दू, बहादुर, क़ैंची, चाक़ू, ताश, तोप, बेगम, चम्मच, लाश, बीबी, कुर्ता, आदि।

पश्तो शब्द : पठान, मटरगश्ती, गुण्डा, अखरोट, गड़बड़, बाड़, भड़ास, तहस-नहस, डेरा आदि।

पुर्तगाली शब्द : अनन्नास, अलमारी, इस्त्री, कमीज, कमरा, कर्नल, काफ़ी, काजू, गमला, गोभी, गोदाम, तौलिया, पपीता, फ़ीता, बाल्टी, बोतल, संतरा आदि।

अत्यंत कम प्रचलित विदेशज शब्द -
फ्रांसीसी / फ्रेंच शब्द : कारतूस, कर्फ़्यू, कूपन, अंग्रेज़, फ्रांस आदि।

डच शब्द : तुरुप (ताश में), बम (ताँगे का) आदि।

रूसी शब्द : रूबल, ज़ार, मिग, वोदका, सोवियत, स्पूतनिक आदि।

चीनी शब्द : चाय, लीची, चीकू, चीनी आदि।

जापानी शब्द : रिक्शा, सायोनारा आदि। 

(V) संकर शब्द 

दो भिन्न भाषाओं से आए शब्दों के मेल से बने नए शब्दों को संकर शब्द कहते हैं। 

उदाहरण -
छाया (संस्कृत) +  दार (फ़ारसी)   =  छायादार
पान (हिन्दी)    +  मदान (फ़ारसी) =  पानदान
नाका (हिन्दी)  +   बंदी (फ़ारसी)  =  नाकाबंदी
रेल (अंग्रेज़ी)   +   गाड़ी (हिन्दी)   =  रेलगाड़ी

2. रचना/ व्युत्पत्ति/ बनावट के आधार पर 

रचना / व्युत्पत्ति / बनावट के आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं -

(I) रूढ़ शब्द

जिन शब्दों के सार्थक खंड न हो सकें और जो अन्य शब्दों के मेल से न बने हों उन्हें रूढ़ शब्द कहते हैं। इसे मौलिक या अयौगिक शब्द भी कहा जाता है। 

उदाहरण -
चावल = (चा + वल) या (चाव + ल) तो ये निरर्थक खंड होंगे।
चावल, दिन, घर, मुँह, घोड़ा आदि।


(II) यौगिक शब्द 

'यौगिक' शब्द का अर्थ है - 'योग' अर्थात् मेल से बना हुआ।
जो शब्द दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से मिलकर बनते है, यौगिक शब्द कहलाते हैं। 

उदाहरण -
विज्ञान  (वि + ज्ञान), सामाजिक (समाज + इक), विद्यालय (विद्या + आलय), राजपुत्र (राजा का पुत्र) आदि। 

यौगिक शब्दों की रचना तीन प्रकार होती है - उपसर्ग से, प्रत्यय से, समास से।

(III) योगरूढ़ शब्द 

वे शब्द जो यौगिक होते हैं, परन्तु जिनका अर्थ रूढ़ (विशेष अर्थ) होता है, योगरूढ़ शब्द कहलाते हैं। ये सामान्य अर्थ को प्रकट न करके किसी विशेष अर्थ को प्रकट करते हैं।

बहुव्रीहि समास के सभी उदाहरण योगरूढ़ शब्द के उदाहरण हैं।

उदाहरण -
पिताम्बर, जलज, लंबोदर, दशानन, नीलकंठ, गिरधारी, दशरथ, हनुमान, चारपाई, प्रधानमंत्री, त्रिलोचन, चक्रपाणि आदि। 

3. रूप/ रूपांतर/ प्रयोग/ व्याकरणिक विवेचन के आधार पर 

रूप / रूपांतर / प्रयोग / व्याकरणिक विवेचन के आधार पर शब्द दो प्रकार के होते हैं -

(I) विकारी शब्द 

वे शब्द जिनमें लिंग, वचन व कारक के आधार पर मूल शब्द का रूपांतरण (परिवर्तन) हो जाता है, विकारी शब्द कहलाते हैं। 

उदाहरण -
लड़का पड़ रहा है।         (लिंग परिवर्तन) लड़की पड़ रही है।
लड़का दौड़ रहा है।        (वचन परिवर्तन) लड़के दौड़ रहे हैं। 


संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, एवं क्रिया शब्द विकारी शब्द होते हैं।


(II) अविकारी शब्द 

जिन शब्दों का प्रयोग मूल रूप में होता है और लिंग, वचन व कारक के आधार पर उनमें कोई परिवर्तन नहीं होता अर्थात् जो शब्द हमेशा एक-से रहते हैं, वे अविकारी शब्द कहलाते हैं। 

उदाहरण -
आज, में, और, क्यों, कब, इधर, पर, या, परन्तु, आहा आदि। 


सभी प्रकार के अव्यय शब्द अविकारी शब्द होते हैं। 


4. अर्थ के आधार पर 


अर्थ के आधार पर शब्द चार प्रकार के होते हैं - 


(I) एकार्थी शब्द 

जिन शब्दों का केवल एक ही अर्थ होता है, एकार्थीक शब्द कहलाते हैं। व्यक्तिवाचक संज्ञा के शब्द इसी कोटि के शब्द होते हैं।

उदाहरण -
गंगा, पटना, जर्मन, राधा, मार्च आदि। 


(II) अनेकार्थी शब्द 

जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं। 

उदाहरण - 
शब्द  -  अनेक अर्थ
हार   -  गले की माला, पराजय
कनक - सोना, धतूरा
कर   -  हाथ, टैक्स 
अर्थ  -   प्रयोजन, धन 


(III) समानार्थी / पर्यायवाची शब्द 

हिन्दी भाषा में अनेक शब्द ऐसे हैं जो समान अर्थ देते हैं, उन्हें समानार्थी या पर्यायवाची शब्द कहते हैं।

उदाहरण - 

 शब्द    -       पर्यायवाची शब्द
आकाश - नभ, गगन, आसमान, अन्तरिक्ष, अम्बर, अनन्त।
बादल - मेघ, घन, जलद, अम्बुद, पोयद, जलधर, जलजीवन।
सूर्य - रवि, भानु, दिनेश, भास्कर, पतंग, आदित्य, सविता, हंस।  
फूल - पुष्प, सुमन, प्रसून, कुसुम, गुल। 


(IV) विपरीतार्थी / विलोम शब्द 

जो शब्द विपरीत अर्थ का बोध कराते हैं, विपरीतार्थी या विलोम शब्द कहलाते हैं।

उदाहरण -
शब्द  -  विलोम शब्द
जय  -  पराजय
पाप  -  पुण्य
सच  -  झूठ
दिन  -  रात

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